मुख पृष्ठ Policies and Schemes स्वायत्त संस्थानों के लिए परियोजना आधारित समर्थन- भारत की गुणवत्ता परिषद

स्वायत्त संस्थानों के लिए परियोजना आधारित समर्थन- भारत की गुणवत्ता परिषद

Brief about the Scheme

देश में प्रत्यायन ढांचे की स्थापना करने तथा राद्गट्रीय गुणवत्ता अभियान शुरू करके भारत में गुणवत्ता आंदोलन का प्रसार करने के लिए सोसायटी पंजीकरण अधिनियम xxi, 1860 के तहत भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) की स्थापना गैर-लाभकारी स्वायत्त संगठन के रूप में की गई है। क्यूसीआई सरकार द्वारा समर्थित राष्ट्री य प्रत्यायन बोर्ड के रूप में कार्य करती है।

क्यूसीआई का संचालन 38 सदस्यीय परिद्गाद करती है, तथा इसमें सरकार, उद्योग तथा अन्य हितधारकों का समान प्रतिनिधित्व होता है। क्यूसीआई शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पर्यावरण, संरक्षण, शासन, सामाजिक क्षेत्र, अवसंरचना क्षेत्र तथा संगठित क्रियाकलापों के ऐसे अन्य क्षेत्रों, अवसंरचना क्षेत्र तथा संगठित क्रियाकलापों के ऐसे अन्य क्षेत्रों के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं में गुणवत्ता मानदंडों के प्रख्या पन, अभिग्रहण और अनुपालन में अहम भूमिका निभा रही है जो भारत के नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं।

क्यूसीआई को राष्ट्री य गुणवत्ता अभियान चलाने का कार्य सौंपा गया है जिसका मिशन; ‘राष्ट्री य कल्याण के लिए गुणवत्ता' है। विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में उत्पाद तथा सेवा दोनों की गुणवत्ता को अब उद्योगों में प्रमुख प्रतिस्पर्धी तत्व के रूप में स्वीकार किया जा चुका है। गुणवत्ता न केवल परिसंपत्ति और निवेश का मामला है बल्कि इसमें उपर्युक्त परिसंपत्ति और निवेश का किसी भी क्षेत्र में उपभोक्ता केंद्रित प्रयोग भी शामिल है। मानव संसाधन उत्पादों और सेवाओं के ऐसे उपभोक्ता केंद्रित प्रसंस्करण और सुपुर्दगी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अतः ऐसे प्रभावी मानव संसाधन के लिए गुणवत्ता संबंधी प्रवृत्ति का निर्माण करना है। विभिन्न तरीकों के आयोजित किए गए गुणवत्ता अभियान ऐसी गुणवत्ता प्रवृत्ति के विकास के प्रमुख साधन हैं। इन्हें प्राप्त करने के लिए क्यूसीआई ने राष्ट्री य गुणवत्ता अभियान योजना स्कीमें लागू की हैं जिनके निम्नलिखित उद्देश्यस हैं:

योजना का नाम: राष्ट्रीय गुणवत्ता अभियान.

लक्ष्यक: राष्ट्रीय गुणवत्ता अभियान का लक्ष्य उत्पाद और सेवा में गुणवत्ता के वैच्च्विक मानदंडों को प्राप्त करने की आवच्च्यकता के संबंध में नागरिकों में जागरूकता पैदा करना है। यह अभियान जनता द्वारा सभी प्रकार के क्रियाकलापों में गुणवत्ता की मांग करने, तथा वस्तुओं के विनिर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं तथा सेवा प्रदाताओं को गुणवत्ता मानदंड अपनाने व उनका अनुपालन करने के लिए प्रोत्साहित करके जनता के कल्याण के संवर्धन और संरक्षण पर जोर देता है।

अनेक क्रियाकलापों के जरिए इस लक्ष्य को प्राप्त किया गया है जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • प्रिंट एवं इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए अभियान

  • जागरूकता कार्यक्रमों/सम्मेलनों का आयोजन

  • राद्गट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर गुणवत्ता सभा आयोजित करना

  • सर्वेक्षण/अध्ययन करना

  • न्यूजलेटर, आवधिक पत्रिकाआं, पुस्तकों आदि का प्रकाशन

  • भारतीय संगठन में गुणवतता संस्कृति का निर्माण करने के लिए कार्यक्रम

पिछले 5 वर्षों के दौरान बजट की उपलब्धता/उपयोग (करोड़ रूपए)

वर्ष

योजनागत आबंटन

योजनागत व्यय

गैर-योजनागत आंबटन

गैर-योजनागत व्यय

2012-13

-

-

-

-

2013-14

2.00

0.92

-

-

2014-15

2.00

0.65

-

-

2015-16

2.00

1.00

-

-

वर्ष 2016-17 : (करोड़ रूपए)

वर्ष

योजनागत आबंटन

योजनागत व्यय

गैर-योजनागत आंबटन

गैर-योजनागत व्यय

क्यू-1

2.00

0.35

-

-

क्यू-2

-

-

-

क्यू-3

-

-

-

क्यू-4

-

-

-

गत वर्ष 2015-16 के अंत तक वर्ष 2016-17 के दौरान वास्तविक प्रगति

योजना

2015-16 तक वास्तविक प्रगति

2016-17 दौरान वास्तविक प्रगति

1. राष्ट्रीय गुणवत्ता अभियान

क्षमता निर्माणः जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सम्मेलन, सभा आदिः 39

सर्वेक्षण अध्ययन : 4

प्रकाशन: 5

प्रिंट मीडिया अभियानः 15

आईएसओ 9001 मानकों के संबंध में जानकारी देना तथा डीआईपीपी के 5 चुनिंदा कार्यकलापों की आईएसओ 9001-2015 प्रमाणन लेने में सहायता करना

अन्य क्रियाकलाप- प्रधानमंत्री कार्यालय में काइजेन/लीन मैनेजमेंट प्रैक्टिस लागू करना

प्रधानमंत्री कार्यलय में काइजेन/लीन मैनेजमेंट प्रैक्टिस लागू की जा रही है

कार्यान्वयन एजेंसी

उपर्युक्त स्कीमों की क्रियान्वयन एजेंसी भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) है।

निगरानी और समीक्षा तंत्र:

क्यूसीआई को की गई वास्तविक प्रगति सहित निर्धारित जीएफआर फार्म में उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। क्यूसीआई से उपयोगिता प्रमाणपत्र प्राप्त होने के पश्चात ही विभाग द्वारा क्यूसीआई को फंड की अगली किस्त जारी करने पर विचार किया जाएगा।

मूल्यांकन के निष्कर्ष, यदि कोई है:

11वीं योजना के दौरान, एनक्यूसी के कार्यकलापों पर 10.75 करोड़ रूपए की राशि व्यय की गई थी। विकास एवं अनुसंधान सेवा प्रा. लि. (डीआरएस), कंसल्टेंट एजेंसी, ने 11वीं योजना के दौरान क्यूसीआई द्वारा चलाई गई ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता अभियान’ योजना स्कीम का मूल्यांकन अध्ययन किया है। डीआरएस ने अपनी रिपोर्ट में, 12वीं योजना के अंतर्गत इस स्कीम को जारी रखने की सिफारिश की गई थी और इसे विभाग द्वारा स्वीकार कर लिया गया था।

स्कीम दिशानिर्देश:

क्यूसीआई द्वारा क्रियान्वित उपर्युक्त स्कीमों ‘स्वायत्त निकायों के लिए परियोजना आधारित सहयोग’ शीर्ष के अंतर्गत हैं और इस शीर्ष के तहत सभी स्कीमों के लिए स्कीम दिशानिर्देशों को सरल बनाया गया है और यह अनुबंध-I में संलग्न है।

 

 


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