भारतीय गुणवत्ता परिषद् | वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
मुख पृष्ठ हमारे बारे में संगठन संरचना स्वायत्त संस्थान भारतीय गुणवत्ता परिषद्

भारतीय गुणवत्ता परिषद्

भारत सरकार ने भारतीय गुणवत्‍ता परिषद की स्‍थापना वर्ष 1997 में इस विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन एक स्‍वायत्‍त निकाय के तौर पर की थी। इसकी स्‍थापना भारतीय उद्योग के साथ संयुक्‍त रूप से की गई थी। इस संगठन की स्‍थापना अनुरूपता मूल्‍यांकन निकायों के लिए राष्‍ट्रीय प्रत्‍यायन ढांचे की स्‍थापना करने एवं उनके प्रचालन करने के अलावा शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य तथा गुणवत्‍ता संवर्धन के क्षेत्र में प्रत्‍यायन उपलब्‍ध कराने के लिए की गई थी। प्रत्‍यायन ढांचे के तौर पर भूमिका अदा करने के अलावा यह नेशनल प्रत्‍यायन बोर्ड फॉर सर्टीफिकेशन बोडीज (एनएबीसीबी) के द्वारा उपलब्‍ध कराई गई प्रत्‍यायन सेवाओं के जरिए गुणवत्‍ता प्रबंधन प्रणालियों (आईएसओ 14001 श्रृंखला), खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (आईएसओ 22000 श्रृंखला) तथा उत्‍पाद प्रमाणन एवं निरीक्षण निकायों के संबंध में गुणवत्‍ता मानकों को अपनाने के लिए भी प्रोत्‍साहित करता है। क्‍यूसीआई में भारतीय उद्योग का प्रतिनिधित्‍व तीन प्रमुख उद्योग संघों नामत: एसोचेम; सीआईआई; तथा फिक्‍की के द्वारा किया जाता है। राष्‍ट्रीय गुणवत्‍ता कार्यक्रम इस विभाग की एक योजना स्‍कीम है। क्‍यूसीआई को इस योजना स्‍कीम की निगरानी तथा संचालन करने का कार्य करने के अलावा राष्‍ट्रीय सूचना एवं जांच सेवाओं से संबंधित कार्य भी देखना होता है। भारतीय उत्‍पादों और सेवाओं की गुणवत्‍ता प्रतिस्‍पर्धात्‍मकता बढ़ाने के उद्देश्‍य को प्राप्‍त करने के लिए, क्‍यूसीआई अनुरूपता मूल्‍यांकन प्रणाली, जिसे अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मान्‍यता दी गई है, की स्‍थापना करके देश में गुणवत्‍ता संबंधी अभियान को एक नीतिपरक दिशा देता है। ..और भी